रजिस्ट्री और पट्टे में क्या अंतर है? जानिये हिंदी में पूरी जानकारी

आज भूमि हर किसी के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है। क्योंकि आवास बनाने, खेती करने के लिए जरूरी होती है। जिस तरह से आज लोगो के पास जमीन होनी चाहिए बैसे ही जमीन से जुड़ी जानकारी होना हर किसी के बेहद जरूरी हो गया है। क्योंकि वर्तमान समय मे भूमि को लेकर काफी धोखाधड़ी हो रही है। सो मित्रों अगर आपके पास किसी भी प्रकार जैसे कि खरीदी हुई जमीन या फिर सरकारी पट्टे की जमीन है तो उसके विवरण की सटीक जानकारी होना जरूरी है।

जब हम जमीन सम्बंधित जानकारी की बात करते है तो आज काफी ऐसे लोग है जो रजिस्ट्री और पट्टे में क्या अंतर है? इसके बारे में जानना चाहते हैं मित्रों बेशक अगर आप हमार इस पेज पर आए है तो आप भी इससे अंजान होंगे। अगर हाँ तो अब आपको बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नही है, क्योंकि आज हम आपको अपने इस आर्टिकल में रजिस्ट्री और पट्टे में क्या अंतर है? इससे जुड़ी संपूर्ण जानकारी से अवगत कराने जा रहे है। तो आइए जानते है –

रजिस्ट्री और पट्टे में क्या अंतर है? | difference between Registry and Lease

रजिस्ट्री और पट्टे में क्या अंतर है जानिये हिंदी में पूरी जानकारी

आज आए दिन जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी से जुड़ी घटनाएँ सामने आती रहती है। जैसे कई बार देखा जाता है कि एक जमीन की कई – कई रजिस्ट्री करा ली जाती है वही कई बार ऐसा भी देखा जाता ह की जमीन का पट्टा किसी के नाम होता है और कब्जा कोई और कर लेता है। मित्रों इन सब बातों को संज्ञान में रखते हुए ही आज जमीन आए जुड़ी हर छोटी-छोटी जानकारी होनी चाहिए। जैसे कि अगर आप रजिस्ट्री और पट्टे में क्या अंतर है? के बारे में जानना चाहते है तो आर्टिकल को अंत तक पढ़ें –

जमीन की रजिस्ट्री क्या है?

जब हम किसी जमीन का वास्तविक मूल्य देखकर किसी की जमीन को खरीदते है और राजस्व विभाग में जाकर उस जमीन से जुड़े दस्तावेज बनवाते है उसे रजिस्ट्री की जमीन कहाँ जाता है। जमीन कि रजिस्ट्री में जमीन बेचने वाले और खरीदने वाला व्यक्ति और जमीन से जुड़ी सभी जानकारी का विवरण होता है।

किसी भी जमीन की रजिस्ट्री कराने पर जमीन के वास्तविक मूल्य के साथ – साथ जमीन रजिस्ट्री का सरकारी भुगतान भी करना होता। जो कि सीधे सरकारी खजाने में जमा होता है। तो दोस्तो यह पूरा प्रोसेस जमीन की रजिस्ट्री कहलाता है। जमीन की रजिस्ट्री जिसके नाम पर होती है। उसे जमीन का पूरा मालिकाना हक होता है वह जब चाहे उसे बेच सकता है। जबकि जमीन का सरकारी पट्टा कुछ अलग होता है जिसके बारे में आप नीचे जानेंगे।

जमीन का पट्टा क्या होता है?

जमीन का पट्टा जो कि सरकार की तरफ से राज्य के उस नागरिक के नाम बनाया जाता है जो आवाहीन या फिर भूमिहीन होता है। यह सरकारी जमीन का पट्टा व्यक्ति को एक निर्धारित समय तक कुछ निर्धारित भुगतान के आधार पर उपलब्ध कराया जाता है। जमीन का पट्टा जिसके नाम बनाया है उसका कुछ समय तक उसका मालिकाना हक होता है और एक निर्धारित समय के अनुसार पट्टा उससे ले लिया जाता है। पट्टे की जमीन को खरीदा या बेचा भी नही जा सकता है।

रजिस्ट्री और पट्टे में क्या अंतर है?

मित्रों ऊपर हमनें जमीन रजिस्ट्री क्या और पट्टा क्या है? उसके बारे कुछ जानकारी शेयर की है। अब नीच हमनें रजिस्ट्री और पट्टे में क्या अंतर है? इससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट को टेबल के द्वारा बताया है। जो कि इस प्रकार है –

क्रमांकरजिस्ट्रीपट्टा
1रजिस्ट्री एक ऐसी व्यवस्था जिसमे जमीन का वास्तविक मूल्य देकर खरीदी जाती है। यह एक ऐसी व्यवस्था है जिसमे किसी व्यक्ति के नाम एक निर्धारित समय के लिए सरकार की तरफ से जमीन उपयोग करने के लिए दी जाती है।
2जमीन की रजिस्ट्री में जमीन विक्रेता और जमीन क्रेता के साथ – साथ कुछ गवाह शामिल होते है। पट्टे में सिर्फ लेसर और पट्टे जिसके नाम बनाया जाता है वह शामिल होते है।
3जमीन रजिस्ट्री में जमीन क्रेता का पूरा मालिकाना हक होता है। जमीन के पट्टे में व्यक्ति का पूरा मालिकाना हक नही होता है।
4रजिस्ट्री की गई जमीन को क्रेता जब चाहे तब रजिस्ट्री की जमीन को बेच सकता है। पट्टे की जमीन को नही बेचा जा सकता है।
5रजिस्टर की गई जमीन का पूरा हक रजिस्ट्री नाम व्यक्ति के पास होता है। वह उसमे कुछ भी कर सकता है। पट्टे की जमीन में क्या कर सकते है यह पट्टे के प्रकार पर निर्भर करता है।
6जमीन रजिस्ट्री का पूरा प्रोसेस राजस्व विभाग के कार्यालय में किया जाता है। पट्टा सरकार के द्वारा निर्धारित कुछ नियमो के अनुसार किया जाता है।
7रजिस्ट्री होने के बाद क्रेता का पूरा हक उस जमीन पर हो जाता है। पट्टा कुछ समय के लिए होता है।

जमीन की रजिस्ट्री क्या है?

जब किसी जमीन को खरीदा जाता है फिर उस जमीन पर अपना मालिकाना हक पाने के लिए उस जमीन की रजिस्ट्री करानी होती है जिसे जमीन की रजिस्ट्री कहा जाता है।

जमीन की रजिस्ट्री कराने में कितना खर्च होता है

जमीन की रजिस्ट्री कराने में कितना खर्च होता है यह पूरी तरह जमीन के वास्तविक मूल्य पर निर्भर करता है।

पट्टा क्या है

जमीन का पट्टा सरकार की तरफ से दी जाने वाली ऐसी व्यवस्था है जो आवासहीं, भूमिहीन व्यक्ति को एक समय के लिए उपयोग करने के लिए दी जाती है।

पट्टा बनवाने के लिए क्या कोई भुगतान करना होता है

जी हां, किसी भी सरकारी जमीन का पट्टा कराने के लिए सरकार के द्वारा निर्धारित की गई राशि का भुगतान करना होता है।

जमीन की रजिस्ट्री और पट्टा में क्या अंतर है

जमीन की रजिस्ट्री और पट्टी में क्या अंतर है इसकी पूरी जानकारी ऊपर आर्टिकल में अवगत करा दी गई है।

निष्कर्ष

तो दोस्तों यह तो हमारा आज का आर्टिकल जिसमें हमने जमीन की रजिस्ट्री और जमीन पट्टा के बारे में संपूर्ण जानकारी को साझा की जाए उम्मीद करता हूं किस आर्टिकल में इस विषय से जुड़ी दी गई जानकारी आपको समझ आ गई होगी। बाकी आपको आज का हमारा आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेंट करके जरूर बताएं साथ लेकर आपका इस से रिलेटेड कोई सवाल है तो आप कमेंट करके पूछ सकते है।

2 thoughts on “रजिस्ट्री और पट्टे में क्या अंतर है? जानिये हिंदी में पूरी जानकारी”

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